जानिए कैसे मिलता है बिजनेस लोन, कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए

जानिए कैसे मिलता है बिजनेस लोन, कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए

May 16, 2022 0
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कारोबार शुरू करने के लिए पहले के मुकाबले अब बिजनेस के लिए लोन लेना आसान हो गया है. कई बैंक ऐसा लोन मुहैया करा रहै हैं. साथ ही बैंकों ने अब बिजनेस लोन की प्रक्रिया को भी काफी आसान कर दिया है. देश में छोटे उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई तरह की लोन स्कीम शुरू की हैं. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अलावा दूसरी कई स्कीम भी हैं, जिनमें आप छोटी रकम से लेकर बड़े लोन तक ले सकते हैं. इस समय केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के हिसाब से आप अपने कारोबार के लिए 50,000 रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं.


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बिजनेस लोन क्या है?

यह आपकी कारोबारी जरूरतों (Business plan) को पूरा करने के लिए लिया जाने वाला लोन है. बैंक और NBFC लोगों को बिज़नेस शुरू करने, बिज़नेस बढ़ाने और व्यवसाय की अन्य ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बिज़नेस लोन (Business Loan) देते हैं। बिज़नेस लोन दो प्रकार के होते हैं, सिक्योर्ड और अन-सिक्योर्ड लोन। सिक्योर्ड लोन के मामले में, आवेदक लोन के लिए बैंक के पास कोई सिक्योरिटी/ गारंटी को गिरवी रखता है। हालाँकि, अन-सिक्योर्ड लोन के मामले में, बैंक को कोई सिक्योरिटी/ गारंटी देने की ज़रूरत नहीं है।

अगर आप भी किसी बैंक से बिजनेस लोन लेना चाहते हैं तो जानिए उसका प्रोसेस क्या है. 

  1. विस्तृत बिजनेस प्लान (Detailed business plan) बनाएं. 
  2. आप जिस बैंक से कर्ज लेना चाहते हैं, उसे अपना बिजनेस प्लान बताएं. 
  3. इसके बाद यह तय करें कि आपको कितना लोन चाहिए. 
  4. अपने क्रेडिट स्कोर के बारे में पता करें.

आपके बिजनेस प्लान को देखकर ही बैंक आपको लोन देने का फैसला करते हैं. अगर बैंक को यह लगता है कि आपका बिजनेस और उससे होने वाला मुनाफा इतना होगा कि आप अपने खर्च पूरे करने के बाद तय अवधि में बैंक का लोन वापस चुका पाएंगे, तभी बैंक आपका लोन मंजूर करता है.



जानें आपको मिल सकता है कितना बिज़नेस लोन

कौन कर सकता है बिजनेस लोन के लिए आवेदन?

  1. खुद का कारोबार कर रहे व्यक्ति. 
  2. कारोबारी या उद्यमी. 
  3. प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां.  
  4. पार्टनरशिप फर्म.

अगर आप भी अपना काम करने या कोई प्लांट लगाने के बारे में सोच रहे हैं तो आप बिजनेस लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं. अगर आप पहले से ही कोई कारोबार कर रहे हैं और उसे बढ़ाने के लिए या उसकी जुड़ी जरूरतें पूरी करने के लिए पैसे की दिक्कत महसूस कर रहे हैं तो भी आप बिजनेस लोन ले सकते हैं.


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Business Loan: योग्यता शर्तें

  • बिज़नेस कब से चल रहा हो: 1 वर्ष और ज़्यादा 
  • मौजूदा बिज़नेस का न्यूनतम वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रु. होना चाहिए 
  • क्रेडिट स्कोर: 750 और ज़्यादा  
  • आवेदक का पिछले कोई लोन डिफ़ॉल्ट रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए

योग्य आवेदक जो लोन अप्लाई कर सकते हैं

  • व्यक्ति, स्वयं-रोज़गार पेशेवर, स्टार्ट-अप और माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज़ (MSME) 
  • प्राइवेट और पब्लिक लिमिटेड कम्पनियाँ, एक मालिकाना अधिकार वाली कंपनी, पार्टनरशिप फर्म, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप और निर्माण, व्यापर या सेवा क्षेत्र की बड़ी कम्पनियाँ
  • NGO, को-ऑपरेटिव सोसाइटी, ट्रस्ट, CA, डॉक्टर, आर्किटेक्ट, कंपनी सेक्रेटरी, डिज़ाइनर, आदि।

बिज़नेस लोन के लिए ज़रूरी दस्तावेज

बिज़नेस लोन के लिए अप्लाई करते समय आपको निम्नलिखित दस्तावेज भी जमा करने होंगें:

  • आवेदक के KYC दस्तावेज जिसमें हैं, पैन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, यूटिलिटी बिल (बिजली/ पानी के बिल) 
  • पिछले 1 साल की बैंक स्टेटमेंट
  • अन-सिक्योर्ड ओवरड्राफ्ट, अगर कोई है
  • बिज़नेस इंकॉर्पोरेशन
  • बैंक के द्वारा माँगा जाने वाला कोई अन्य दस्तावेजभारत सरकार द्वारा दी जाने वाली लोन योजनाएं
  • मुद्रा लोन योजना
  • PMRY: प्रधानमंत्री रोज़गार योजना
  • PMEGP: प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन योजना
  • CGTMSE: छोटे व्यवसायों के लिए क्रेडिट गारंटी फण्ड ट्रस्ट
  • 59 मिनट में PSB लोन
  • स्टैंड-अप इंडिया
  • स्टार्ट-अप इंडिया
  • क्रेडिट-गारंटी योजना
  • CLCSS: क्रेडिट लिंक्ड गारंटी सब्सिडी स्कीम
  • नेशनल स्मॉल इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन सब्सिडी

बिज़नेस लोन के प्रकार

  • टर्म लोन (Term Loan) 
  • टर्म लोन कई प्रकार के होते हैं, शॉर्ट-टर्म लोन, लॉन्ग-टर्म लोन और अन्य स्मॉल बिज़नेस लोन (Small Business Loan)। टर्म लोन के तहत जो राशि ऑफर की जाती है वो आवेदक की प्रोफाइल और ज़रूरत पर निर्भर करती है और इसका भुगतान 12 महीनों से 5 वर्ष तक में किया जा सकता है। टर्म लोन को दो भागों में बाटा जा सकता है, अन-सिक्योर्ड बिज़नेस लोन और सिक्योर्ड बिज़नेस लोन। सिक्योर्ड लोन के लिए बैंक में सिक्योरिटी/ गारंटी देनी पड़ती है, जबकि अन-सिक्योर्ड लोन में ऐसा कुछ नहीं है।
  • वर्किंग कैपिटल लोन (Working Capital Loan)
  • वर्किंग कैपिटल लोन व्यवसायों की रोज़मर्रा की ज़रुरतों को पूरा करने के लिए दिए जाते हैं। अन्य कामों के लिए भी ये लोन लिया जा सकता है जैसे व्यवसाय को बढ़ाने के लिए, मशीनरी या उपकरण खरीदने के लिए, कच्चा माल खरीदने, किराया या कर्मचारियों का वेतन देने और आदि के लिए।
  • बिल (इनवॉइस) डिस्काउंटिंग (Bill Discounting Loan)  
  • बिल डिस्काउंटिंग भी एक प्रकार का लोन है जो बैंक और NBFC देते हैं। एक विक्रेता जो उधारी पर सामान बेचता है, खरीदार से मिली बिल रसीद बैंक को देता है, रसीद इस बात का प्रमाण होती है कि बेचे गए सामान का पैसा तय तारीख को मिल जाएगा, बैंक इस रसीद के मूल्य से कुछ कम राशि विक्रेता को दे देता है और जब खरीदार रसीद का भुगतान करता है तो वो पैसा बैंक रख लेता है।
  • लैटर ऑफ़ क्रेडिट (Letter of Credit)
  • लैटर ऑफ़ क्रेडिट का उपयोग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में किया जाता है, एक उद्योग जो अतर्राष्ट्रीय इम्पोर्ट-एक्सोर्ट का बिज़नेस करता है उसे दूसरे देश के सप्लायरों के साथ काम करना होता है। इन सप्लायरों को ये गारंटी चाहिए होती है कि उन्हें समय पर उनका भुगतान मिल जाएगा, ये गारंटी उद्योग की ओर से बैंक लौटर ऑफ़ क्रेडिट जारी कर के देता है।
  • पॉइंट ऑफ़ सेल (POS) लोन (POS Loan)
  • इस लोन में व्यापारी अपने बिक्री के रिकॉर्ड के आधार पर लोन लेता है। व्यापारी को बैंक को ये रिकॉर्ड देना होता है कि पिछले कुछ महीनों में उसके यहाँ POS मशीन (जिस मशीन पर खरीदारी/ भुगतान के लिए डेबिट/ क्रेडिट कार्ड स्वाइप किया जाता है) पर कितने मूल्य की खरीदारी हुई। इसी रिकॉर्ड के आधार पर बैंक व्यापारी को लोन देता है और अगले महीने फिर से खरीदारी होने पर व्यापारी को लोन का भुगतान करना होता है। इसमें लोन भुगतान के भी कई विकल्प होते हैं जैसे, व्यापारी महीने के महीने लोन का भुगतान करेगा या POS मशीन पर जो भी खरीदारी हो रही है उसका कुछ हिस्सा व्यापारी और कुछ बैंक को चला जाएगा।
  • ओवरड्राफ्ट लोन (Overdraft Loan) 
  • ओवरड्राफ्ट लोन में आपको एक ओवरड्राफ्ट अकाउंट दिया जाता है जिसके लिए सीमित राशि स्वीकार की जाती है। आप उस सीमित राशि तक उस अकाउंट से जब चाहे तब पैसे निकाल सकते हैं। ब्याज केवल निकाली गई राशि पर लगेगा ना कि पूरी राशि पर। उदाहरण: अगर आपको 2 लाख रु. का ओवरड्राफ्ट मिला और आपने उसमें से 1 लाख रु. निकाले तो ब्याज केवल 1 लाख रु. पर ही लगेगा न कि 2 लाख रु. पर।
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